8 live stations वाला मोहल्ला Radio।

लिखा हुआ नुक्कड़

मोहल्ले की कहानियाँ

रेडियो सुनते हुए कहानियाँ पढ़िए। रेडियो चलता रहेगा — अपनी पसंद की कहानी चुनिए।
टपरी की ट्रे पर वर्दी की गठरी और पास में हरी साइकिल

पढ़ने के लिए तैयार

कल सुबह की सिलाई

कल सुबह रोल-कॉल में एक बच्ची की वर्दी पूरी होनी है। गठरी टपरी पर है, किराना तीन गलियाँ दूर, और मीना का नियम पक्का है: साढ़े छह के बाद उनका दरवाज़ा नहीं खुलता। फिर नुक्कड़ के मोड़ पर साइकिल की चेन उतर जाती है।कहानी पढ़ें
मैदान की सूखी पिच पर फटी हुई लाल गेंद और बल्ला

पढ़ने के लिए तैयार

लाल गेंद और छह ओवर

शनिवार का मैच शुरू होना है, इकलौती गेंद की सीवन उधड़ चुकी है, और सबसे बड़ा खिलाड़ी बल्ला उठाकर जाने की धमकी दे रहा है। पच्चीस मिनट में स्कूल का गेट खुलेगा — और गेंद के अंदर से जो निकलने वाला है, वह किसी को पता नहीं।कहानी पढ़ें
किराना की खूँटी पर पीतल की चाबी, पास में नीला छाता और पहली बारिश

पढ़ने के लिए तैयार

छत की चाबी और पहली बूँद

कल सुबह ग्यारह बजे दुल्हन का ब्लाउज़ चढ़ना है, और यही एक थान रेशम बचा है — दोबारा बनाने का वक्त नहीं। छत की टंकी से पानी सीढ़ियों पर उतर रहा है, ताले की चाबी किराना पर टंगी है, और जो असली बचाव करता है, वह किसी योजना में नहीं था।कहानी पढ़ें
बत्ती गुल होने पर सैलून के आईने के पास जलती लालटेन और ट्रांजिस्टर रेडियो

पढ़ने के लिए तैयार

आईने पर पीली रोशनी

सैलून की बत्ती जाती है, इन्वर्टर दम तोड़ देता है, और ग्राहक के सिर पर आधी कटिंग अटकी है। उन्हें सात बजे की ट्रेन से साले की शादी में जाना है। इक़बाल चाचा के पास न रोशनी है, न वक्त, और बाहर जो सच में हो रहा है, वह किसी को पता नहीं।कहानी पढ़ें
रेडियो पर लौटें